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दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट परिसर मे झड़प एक एएसआई निलंबित अन्य अधिकारियो का तबादला किया गया

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नई दिल्ली। ,दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट परिसर मे रविवार को पुलिस और वकीलों के बिच लड़ाई सुरु हो गई जब यहाँ सुनवाई चल रही थी ,दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि इस मामले में कथित रूप से शामिल एक एएसआई को निलंबित कर दिया गया है जबकि एक अन्य का तबादला कर दिया गया है।
साथ ही मामले की जांच के लिए यह अपराध शाखा के विशेष जांच दल को सौंप दी गई है। इससे पहले उच्च न्यायालय ने मामले में सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त,केंद्र और मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर उनसे इस  अपराध के संबंध में जवाब मांगा।
घटना को लेकर मीडिया में आयी खबरों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल की अध्यक्षता में एक पीठ ने मामले में जल्द सुनवाई करने का फैसला किया। पीठ ने दिन के लगभग एक बजे कार्यवाही शुरू की। मामले में अदालत दिन में तीन बजे फिर से सुनवाई करेगी। अदालत ने झड़प में कथित रूप से  झड़प मे शामिल पुलिस अधिकारियों को दिन में तीन बजे मौजूद रहने का आदेश दिया है। दिल्ली पुलिस की ओर से वकील राहुल मेहरा जबकि दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहित माथुर पेश हुए।
 पीठ ने कहा कि वह इस स्थिति को शांत करना चाहती है। बीती शाम को करीब चार घंटे तक न्यायाधीशों की बैठक हुई  और हालात को शांत करने के लिये वे सुबह से यहां मौजूद हैं।अदालत ने दिल्ली बार काउंसिल और दिल्ली जिला अदालतों के सभी बार एसोसिएशन को नोटिस भेजा। अधिकारियों और चश्मदीदों के अनुसार तीस हजारी अदालत परिसर में शनिवार दोपहर वकीलों और पुलिस के बीच खतरनाक झड़प हो गयी जिसमें 20 पुलिस वाले  और कई वकील घायल हो गये और 17 वाहनों में तोड़फोड़ की गयी। पुलिस ने कहा कि घायल 20 पुलिस वालो मे दो थाना प्रभारी और एक अन्य  आयुक्त शामिल हैं। पुलिस ने दावा किया कि इस झड़प  में आठ वकील घायल हुए हैं।
 हालांकि, वकीलों ने बताया की पुलिस गलत आकड़े बता रही है ,उससे अधिक संख्या में उनके सहकर्मी घायल हुए हैं। वकीलों दावा किया कि पुलिस की गोली लगने से दो वकील घायल हुए हैं जबकि पुलिस ने गोलीबारी के आरोपों से इनकार किया है और कहा कि उसने हवा में गोली चलायी थी। महापंजीयक (आरजी) दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश और उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीशोंके साथ उन्होंने सुबह बंद कमरे में बैठक की। घटना को लेकर मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने दोपहर बाद दिन में एक बजे कार्यवाही शुरू की। उन्होंने बताया कि बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और दिल्ली सरकार के अन्य मुख्य सचिव भी शामिल थे।
 उन्होंने कहा कि बैठक खत्म होने के बाद अदालत ने दोपहर बाद दिन में एक बजे सुनवाई करने का फैसला किया। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने दिल्ली उच्च न्यायालय को पत्र लिखकर झड़प में शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) एवं शस्त्र अधिनियम के जुड़े  प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की खातिर दिल्ली के उपराज्यपाल एवं अन्य अधिकारियों से इस संबंध में अनुमति लेने के लिए अनुरोध किया। पत्र में लिखा है इस झड़प माँ शामिल जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को तुरंत गिरफ्तार करने और उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच शुरू करने का अनुरोध किया गया है।